दोस्त दोस्त न रहा

दिल्ली पुलिस के ‘सुपरकॉप’ एन काउंटर स्पेशलिस्ट एसीपी राजबीर सिंह की हत्या प्रोपर्टी डीलर विजय भारद्वाज द्वारा कर दी गई। वही विजय भारद्वाज जो उनके करीबी दोस्त थे और शायद दोस्त नहीं भी थे। एक सब इंस्पेक्टर से दिल्ली पुलिस में नौकरी की शुरूआत करने वाले राजवीर सिंह तेज तर्रार छवि एवं मास्टर माइंड होने के कारण जल्दी-जल्दी पदोन्नति पाने के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के सबसे उपयोगी अधिकारी थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में 56 एनकाउंटर करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण मामले को भी सुलझाये। जिसके वजह से उन्हें राष्ट्रपति पदक भी मिला था। हलांकि उनकी छवि पर धब्बा भी लगा, लेकिन उनकी उपयोगिता के कारण उन्हें प्रायः महत्वपूर्ण पद मिलता रहा। यहाँ तक कि उन्हें जेड श्रेणी के सुरक्षा व्यवस्था खुद को सुरक्षित रखने के लिए प्राप्त था। हाय री किस्मत दोस्त ने सभी सुरक्षा व्यवस्था तोड़कर अपने रास्ते से हटा दिया। सच ही कहा गया है- घर का भेदी लंका डाहे। एक व्यापारी दोस्त को एक अधिकारी/सुरक्षा प्रहरी दोस्त से जान का खतरा था, तो रास्ते से तो हटाना लाजिमी था। आजकल कृष्ण-सुदामा या दुर्योधन-कर्ण जैसी मित्रता निभायी तो व्यापार तो करने से रहे। बाजार में तो अब सबकुछ बिकने लगा। मकान, दुकान एवं घर-गृहस्थी का सभी समान। रिश्ते जोड़ने के लिए दुकान है, तो दोस्ती कराने के लिए दुकान है। मिनटों में जीवन साथी पाईये या हजारों दोस्त बनाइये। जब इतनी सुविधाएँ उपलब्ध है तो बचपन का लंगोटिया यार से कब तक यारी निभाया जाय। इंटरनेट का जमाना है- लाखों इंतजार कर रहें हैं दोस्ती के लिए। व्यापार में तो दोस्ती में भी मंदी-तेजी का समावेश होता है। व्यापार छल-प्रपंच के बिना चलता कहाँ है? व्यापार में जुगाड़ की उपयोगिता से तो सभी वाकिफ है। खासकर प्रोपर्टी बाजार में बने रहना है तो तीनों का जुगाड़-अपराधी, पुलिस एवं राजनेता का करना ही पड़ेगा। ऐसे में दोसती तो सिर्फ काम भर से हो सकता है। किसी से खतरा महशूश हो रास्ते से हटा दिजिये और चलते रहिये। एसीपी साहब में यारी एवं जुगाड़ दोनों का समावेश था। अब पुलिस वाले को भी सोचना पड़ेगा कि वर्तमान समय में यारी अच्छी नहीं होती। अगर रूपया ही कमाना है तो कमाईये लेकिन दोस्ती मत किजिये वर्णा एनकाउंटर हो सकता है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s