ब्राह्मण धर्म

दशम अध्याय नीति : 13

ब्राह्मण धर्म

चाणक्य नीति के दशम अघ्याय के तेरहवी नीति में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि संध्या पूजा ब्राह्मण का मुख्य कार्य है। ऐसा न करनेवाला ब्राह्मण को ब्राह्मण नहीं कहा जा सकता है। संध्या पूजा करके ही ब्राह्मण को वेदों का सच्चा ज्ञान होता है। तभी वह धर्म—कर्म कर सकता है। अत: ब्राह्मण को संध्या पूजा अवश्य करनी चाहिए।

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