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घर में स्वर्ग का सुख

सप्तदश अध्याय नीति : 15

घर में स्वर्ग का सुख

चाणक्य नीति के सप्तदश अघ्याय के पंद्रहवी नीति में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस घर में शुभ लक्षणोवाली स्त्री हो, धन संपत्ति हो, विनम्र गुणवान पुत्र हो और पुत्र का भी पुत्र हो तो स्वर्ग लोक का सुख भी इससे अधिक नहीं होता।

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