सप्तदश अध्याय नीति : 18
परदुख कातरता
चाणक्य नीति के सप्तदश अघ्याय के अठारहवी नीति में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि राजा, वेश्या, यमराज, आग, चोर, बालक, भिखारी और ग्राकंटक ये आठ लोग व्यक्ति के दुख को नहीं समझते।
सप्तदश अध्याय नीति : 18
परदुख कातरता
चाणक्य नीति के सप्तदश अघ्याय के अठारहवी नीति में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि राजा, वेश्या, यमराज, आग, चोर, बालक, भिखारी और ग्राकंटक ये आठ लोग व्यक्ति के दुख को नहीं समझते।