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कुपत्नी

सप्तदश अध्याय नीति : 9

कुपत्नी

चाणक्य नीति के सप्तदश अघ्याय के  नवी नीति में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि पति की आज्ञा के बिना उपवास लेकर व्रत करनेवाली पत्नी पति की आयु को हर लेती है। ऐसी स्त्री अंत में नरक में जाती है।

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