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सामाजिक विकास हेतु जनसंख्या बृद्धि रोका जाना अत्यन्त आवश्यक

पुराने जमाने में पुत्र को मोक्ष प्राप्ति के कारण माना जाता था। नि:पुत्र दम्पतियों को हेय दृष्टि से देखा जाता था। ऐसी मान्यता थी कि पुत्रवान ही स्वर्गाधिकारी हो सकते हैं। उस समय पृथ्वी पर… सामाजिक विकास हेतु जनसंख्या बृद्धि रोका जाना अत्यन्त आवश्यक

अनियंत्रित जनसंख्या,विकास के मार्ग में बाधक।

विश्व में अगर किसी चीज के उत्पादन में लगातार बृद्धि हो रही है तो वह है मानव का उत्पादन। प्रत्येक सेकेंड में विश्व में कहीं न कहीं तीन बच्चे पैदा होते हैं। इस प्रकार प्रत्येक… अनियंत्रित जनसंख्या,विकास के मार्ग में बाधक।

समाजोत्थान में महिलाओं की भूमिका

विश्व एक महान परिवर्त्तन के दौर से गुजर रहा है। अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्त्तन हो रहा है। परतंत्र देश स्वतंत्र होना चाहता है, स्वतंत्र देश की जनता वहाँ लोकतंत्र को मजबुत करना चाहती है।… समाजोत्थान में महिलाओं की भूमिका

जोश के साथ होश भी जरूरी

दुनियाँ के सभी क्षेत्रों में बहुत तेजी से विकास हो रहा है। अनेक विकसित देशों की सरकारें एवं स्वयंसेवी संस्थाएँ अल्पविकसित या पिछड़े देशों के सहायतार्थ अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम चला रहे हैं, ताकि कहीं भी… जोश के साथ होश भी जरूरी

किशोर आगे आयें।

किशोरवय में मस्तिष्क अपरिपक्व कोमल एवं अत्यन्त संवेदनशील रहता है। थोड़े दिनों में उनके शारीरिक संरचना में भी अनेक प्रकार के परिवर्तन हो जाते हैं। वे अपने को अचानक एक नया माहौल में पाते हैं,… किशोर आगे आयें।

युवाशक्ति: महाशक्ति

राष्ट्र की वास्तविक शक्ति युवाशक्ति ही होती है। युवाशक्ति वह शक्ति है जो चाहे तो सदियों से परतंत्र किसी राष्ट्र को क्षणभर में स्वतंत्र करा सकती है। किसी परिवार, समाज या राष्ट्र में व्याप्त दरिद्रता,… युवाशक्ति: महाशक्ति

आत्मनिर्भर बनें, भाग्य भरोसे मत बैठें।

कुछ लोगों का कथन है -सारा संसार का संचालन सर्वशक्तिमान ईश्वर के द्वारा होता है। वे ही हमारे कर्मों (भाग्य) के निर्माता हैं। अतः जो वे चाहेंगे वही होगा। समस्त प्राणी उनके इच्छानुसार कार्य करते… आत्मनिर्भर बनें, भाग्य भरोसे मत बैठें।

शिक्षा के बिना विकास असंभव

आज हम इक्कीसवीं सदी में जी रहे हैं। दुनियाँ दिन दूनी रात चैगुनी प्रगति कर रही है। अनेक प्रकार के वैज्ञानिक आविष्कृत वस्तुएँ हमारी दैनिक जीवन को बेहद आसान एवं आनन्दमय बना दिया है। हजारों… शिक्षा के बिना विकास असंभव

आपकी बात : अपनी बात

व्यक्तिगतरूप से मैं धर्म, जाति, संप्रदाय या क्षेत्र के आधार पर मानव को बाँटने के पक्ष में नहीं हूँ। ये सभी विघटनकारी तत्व के कारण ही मानव समुदाय दो वर्गो में विभाजित हो गया। पहला… आपकी बात : अपनी बात

धर्म और राजनीति

भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है। एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में सभी धर्माें के अनुयायियों को समान अवसर प्राप्त होता है। धार्मिक आधार पर न तो भेदभाव किया जाता है न ही किसी धर्म विशेष के अनुयायियों… धर्म और राजनीति

आओ बच्चों तुम्हे दिखाएं

आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झाँकी हिंदुस्तान की इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की वंदे मातरम … उत्तर में रखवाली करता पर्वतराज विराट है दक्षिण में चरणों को धोता सागर का सम्राट… आओ बच्चों तुम्हे दिखाएं

इन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के

इन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के दुनिया के रंज सहना और कुछ न मुँह से कहना सच्चाइयों के बल पे आगे को बढ़ते रहना… इन्साफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के

साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल

दे दी हमें आज़ादी बिना खड्‌ग बिना ढाल साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल आँधी में भी जलती रही गाँधी तेरी मशाल साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल दे दी … धरती पे… साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा ।

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा । हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसतां हमारा ।। गुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में । समझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा ।।… सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा ।

वन्दे मातरम्

सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम् सस्य श्यामलां मातरंम् . शुभ्र ज्योत्सनाम् पुलकित यामिनीम् फुल्ल कुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम् . सुखदां वरदां मातरम् ॥ कोटि कोटि कन्ठ कलकल निनाद कराले द्विसप्त कोटि भुजैर्ध्रत खरकरवाले के बोले मा… वन्दे मातरम्

जन गण मन अधिनायक जय हे

जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग तव शुभ नामे जागे तव शुभ आशिष मागे गाहे तव जय गाथा… जन गण मन अधिनायक जय हे

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

झण्डा ऊँचा रहे हमारा विजयी विश्व तिरंगा प्यारा-2 झण्डा ऊँचा रहे हमारा सदा शक्ति बरसानेवाला प्रेम सुधा सरसानेवाला वीरों को हर्षानेवाला मार्तभूमि का तन-मन सारा -२ झण्डा ऊँचा … स्वतन्त्रता के भीषण रण में रख… विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

हिंद देश का प्यारा झंडा ऊँचा सदा रहेगा,

हिंद देश का प्यारा झंडा ऊँचा सदा रहेगा, ऊँचा सदा रहेगा झंडा ,ऊँचा सदा रहेगा !! शान हमारी यह झंडा है यह अरमान हमारा , यह बालपौरूश है सदियों का ,यह बलिदान हमारा, जहाँ जहाँ… हिंद देश का प्यारा झंडा ऊँचा सदा रहेगा,

राजभाषा संकल्प, 1968

संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित निम्नलिखित सरकारी संकल्प आम जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है — संकल्प “जब‡क संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी रहेगी और उसके अनुच्छेद 351… राजभाषा संकल्प, 1968

महामहिम राष्ट्रपति के आदेश, 1960

(गृह मंत्रालय की दि. 27 अप्रैल, 1960 की अधिसूचना संख्या 2य8य60-रा.भा., की प्रतिलिपि) अधिसूचना राष्ट्रपति का निम्नलिखित आदेश आम जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है :- नई दिल्ली, दिनाक 27 अप्रैल, 1960 आदेश लोकसभा… महामहिम राष्ट्रपति के आदेश, 1960

सांविधानिक प्रावधान

भारत के संविधान में राजभाषा से संबंधित भाग-17 अध्याय 1–संघ की भाषा अनुच्छेद 120. संसद् में प्रयोग की जाने वाली भाषा – (1) भाग 17 में किसी बात के होते हुए भी, किंतु अनुच्छेद 348… सांविधानिक प्रावधान

राजभाषा अधिनियम, 1963

राजभाषा अधिनियम, 1963 (यथासंशोधित,1967) (1963 का अधिनियम संख्यांक 19) उन भाषाओं का, जो संघ के राजकीय प्रयोजनों, संसद में कार्य के संव्यवहार, केन्द्रीय और राज्य अधिनियमों और उच्च न्यायालयों में कतिपय प्रयोजनों के लिए प्रयोग… राजभाषा अधिनियम, 1963

राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग) नियम,1976 (यथा संशोधित, 1987)

सा.का.नि. 1052 –राजभाषा अधिनियम, 1963 (1963 का 19) की धारा 3 की उपधारा (4) के साथ पठित धारा 8 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थातः- 1. संक्षिप्त… राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग) नियम,1976 (यथा संशोधित, 1987)