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नववर्ष मंगलमय हो।

नया साल का आगमन हा रहा है।  पुराना साल को हमलोग बिदा करने वाले हैं।  सच्चाई यह है कि नया साल सबके लिए नया नहीं होता है और पुराना साल भी सबके लिए पुराना नहीं… नववर्ष मंगलमय हो।

काम अधिक बातें कम।

बंधुओं, मेरे विचार से लोगों के चार श्रेणियॉं — अशिक्षित, अल्पशिक्षित,अर्द्धशिक्षित एवं शिक्षित होते हैं। अशिक्षित श्रेणी से सब अवगत हैं। अल्पशिक्षित श्रेणी के लोग सिर्फ साश्रर हैं।  शिक्षित वे हैं जो शैक्षिक एवं आर्थिक… काम अधिक बातें कम।

अगर बड़ा बनना है तो सफलता का श्रेय दूसरों को और असफलता की जिम्मेदारी खुद लिजिये।

बंधुओं बड़ी—बड़ी प्रतियोगिताओं में जब कोई सर्वश्रेष्ठ आता है तो उनसे पूछा जाता है कि आप अपने सफलता का श्रेय किसे देंगे? वे लोगी बड़ी शालीनता एवं गर्व से ईश्वर, माता—पिता, गुरू/कोच, परिवार एवं दोस्तों… अगर बड़ा बनना है तो सफलता का श्रेय दूसरों को और असफलता की जिम्मेदारी खुद लिजिये।

जीवन में सफल होने के लिए लगातार बौद्धिक विकास करते रहें।

बंधुओं जब हम शारीरिक रूप से बीमार या कमजोर होते हैं, तो क्या करते हैं?  सबसे पहले किसी अच्छे चिकित्सक से उपचार या सलाह लेते हैं।  तत्पश्चात उनके द्वारा सुझाये गये दवाईयां एवं भोजन का… जीवन में सफल होने के लिए लगातार बौद्धिक विकास करते रहें।

युवा जोश दिखायें।

युवा जोश अथवा शक्ति का खान होता है।  असंभव सा दीखनेवाला कार्य युवाओं के जोश में पलभर में सम्पादित हो जाता है।  दुनिया के महान से महान कार्य युवाओं द्वारा ही किया गया है।  सच… युवा जोश दिखायें।

अनियंतित्रत जनसंख्या: एक आनुवंशिक रोग।

आज के विकासशील एवं अविकसित देश एक अजीब महामारी से जूझ रहा है।  वह महामारी है जनसंख्या बृद्धि।  अंतराष्ट्रीय संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, विकसित देशें की सरकारों एवं स्वदेशी सरकार एवं संगठनों के कल्याणकारी कार्यक्रम इन… अनियंतित्रत जनसंख्या: एक आनुवंशिक रोग।

अवसर को कभी नहीं गॅंवाओ।

अवसर इंसान को बहुत मुश्किल से मिलता है।  बाधाएँ असीमित है एवं अवसर सीमित है। सफल होने के लिए अवसर के महत्व को समझना इसलिए आवश्यक है।  आजकल उच्च श्रेणी के प्रतियोगिताओं के लिए सीमित अवसर… अवसर को कभी नहीं गॅंवाओ।

बहुत जोगी मठ उजाड़।

एक बार एक महर्षि के दो शिष्यों के बीच झगड़ा हो गया।  एक कहता कि मैं श्रेष्ठ हूॅ। दूसरा कहता था कि मैं श्रेष्ठ हूॅ। विवाद गहराता गया।  अंतत: मामला महर्षि जी के पास पहुॅचा। … बहुत जोगी मठ उजाड़।