Freezing of Dearness Allowance to Central Government employees and Dearness Relief to Central Government pensioners at current rates till July 2021..

No.1/1/2020-E-II(B)Government of IndiaMinistry of FinanceDepartment of Expenditure*******************North Block, New DelhiDated the 23rd April, 2020OFFICE MEMORANDUMSubject: Freezing of Dearness Allowance to Central Government employees and Dearness Relief to Central Government pensioners at current rates till July 2021.The undersigned is directed to…

सफल होने के लिए खराब दिमाग को ठीक करवायें।

यह सच नहीं है कि पृथ्वी पर सब चीजें सबके लिए नहीं है।  लेकिन क्या धन—दौलत और ज्ञान सबके पास समान है?  नहीं, और शायद कभी होगा भी नहीं।  जो असमानताएँ है, चाहे धन का हो, ज्ञान  का हो या…

The Right of Children to Free and Compulsory Education (RTE) Act, 2009

The Constitution (Eighty-sixth Amendment) Act, 2002 inserted Article 21-A in the Constitution of India to provide free and compulsory education of all children in the age group of six to fourteen years as a Fundamental Right in such a manner…

Reservation for Economically Weaker Sections (EWSs)

No.36039/1/2019-Estt (Res) Government of India Ministry of Personnel, Public Grievances & Pensions Department of Personnel & Training   North Block, New Delhi dated the 3lstJanuary, 2019 OFFICE MEMORANDUM Subject: Reservation for Economically Weaker Sections (EWSs) in direct recruitment in civil…

जीवन में प्रगति के लिए लगातार अध्ययन की आवश्यकता क्यों है?

पुस्तकप्रेमी अच्छी तरह जानते हैं कि जीवन में प्रगति करने के लिए लगातार ज्ञान अर्जित करते रहना आवश्यक है, और यह भी कि ज्ञान का अंत नहीं है। यानि असीमित ज्ञान या पूर्ण ज्ञान हासिल करने का इस संपूर्ण विश्व…

Listen Audiobook in Hindi : As a man thinketh by James Allen

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Book Review: As a man thinketh

As a man thinketh जेम्स एलन की कालजयी कृति है। जेम्स एलन ब्रिटेन के दार्शनिक लेखक थे। एज ए मैन थिन्केथ 1902 ई0 में प्रकाशित हुई थी। यह पुस्तक अनेक समकालीन लेखकों को तो प्रभावित किया ही साथ ही साथ…

सुखद जीवन के लिए धन और स्वास्थ्य के बीच संबंध बेहतर बनायें।

यह सच है कि आर्थिक उन्नति मनुष्य के तन, मन और आत्मा को संतुष्ट करने के लिए अति आवश्यक है। धनाभाव के कारण इनका विकास असंभव है, लेकिन आजकल लोगों के मन का निर्देशन इस प्रकार किया जा रहा है…

क्या हम वास्तव में विश्वगुरू थे ?

जब कोई व्यक्ति अपना परिचय में अपने पूर्वजों का वखान कर रहा है तो समझ जाइये उसका अभी दुर्दिन चल रहा है। लोग भूतकाल के सुनहरें दिनों को तभी याद करते हैं जब उनका वर्तमान खराब हो। भला वर्तमान में…